गगन मंडल म्हारो सासरो – Gagan Mandal Mharo Sasro

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meeabai bhajans
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Gagan Mandal Mharo Sasro

गगन मंडल म्हारो सासरो

 

गगन मंडल म्हारो सासरो

 हो मेने सच्चिदानंद वर पायो है रि माई

गगन मंडल म्हारो सासरो

 

हां चार  अवस्था की चवरी बणाई है 

हो मेने धीरज को कलश भरायो है री माई

गगन मंडल म्हारो सासरो

 

हां ज्ञान वैराग्य को कुण्ड बणायो है

 हो मेने मोह को हवन करायो हे  री माई

गगन मंडल म्हारो सासरो

 

हां त्री खुंटी महल पर प्रीतम प्यारा है 

हो मेने हंस हंस कंठ लगाया है री माई

गगन मंडल म्हारो सासरो

 

हां बाई मीरा ने सतगुरु मिल गया हां 

हो मेने तारो गगन को पहुंचाया है री माई

गगन मंडल म्हारो सासर

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Gagan Mandal Mharo Sasro Lyrics

 

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