जावो नुगरी काया थारो कई गुण गावा… – Jao Nugari kaya Tharo Kai Gun Gawa

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 महल बनाया हंसा रेवा नी पाया

Mahal banaya Hansa rehna ni Paya


जावो नुगरी काया थारो कई गुण गावा अरे हां हां रे

हे कई गुण गावा अब थारो कई जस गावा..

महल बनाया हंसा रेवा नी पाया अरे हां हां रे ।।,


काटी लेना घास बांध लेना टटिया अरे हां हां रे

अरे सोना हंडा महल रूपा हंडा खंबा, 

कठे तो गयो इनी नगरी को राजा अरे हां हां रे ।।

जावो नुगरी काया थारो कई गुण गावा अरे हां हां रे

हे कई गुण गावा अब थारो कई जस गावा..

महल बनाया हंसा रेवा नी पाया अरे हां हां रे ।।,


हां बालु की भीत, अटारी का  चड़ना अरे हां हां रे

हे ओछे से प्रीत कटारी का मरना,

जावो नुगरी काया थारो कई गुण गावा अरे हां हां रे

हे कई गुण गावा अब थारो कई जस गावा..

महल बनाया हंसा रेवा नी पाया अरे हां हां रे ।।


गादी गलीचा धरीया है महल में  अरे हां हां

हां एक दिन जलेगा काया लकड़ी का संग में..

जावो नुगरी काया थारो कई गुण गावा अरे हां हां रे

हे कई गुण गावा अब थारो कई जस गावा..

महल बनाया हंसा रेवा नी पाया अरे हां हां रे ।।


हां कहे हो कबीर साहेब, जुग जुग जीवणा अरे हां हां रे

हे इनी ममता ने मार भसम कर पीवणा..

जावो नुगरी काया थारो कई गुण गावा अरे हां हां रे

हे कई गुण गावा अब थारो कई जस गावा..

महल बनाया हंसा रेवा नी पाया अरे हां हां रे ।।

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