prahlad tipanya bina chanda re bina bhajan

हेली म्हारी बिना चंदा रे बिना बाण

 

अरे बिना चंदा रे बिना बाण सूरज बिना होया उजियाला है

है परलोगा मति जाये हेली निरखले वही उणीयारो है

 

पर हेली म्हारी है गुंगो रे गावे राग बैरो सुनने वालों है

अरे टुंटो वहा नाचे नाच आंदो वहा देखण वालों है

अरे बिना चंदा रे बिना बाण सूरज बिना होया उजियाला है

 

पर हेली म्हारी हे सोहन सिकलगड़ माय साथे है एक जोगी मतवलो है

हेली म्हारी नही अगन भभुत नहीं है कोई तापन वालों है

अरे बिना चंदा रे बिना बाण सूरज बिना होया उजियाला है

 

पर हेली म्हारी गगन मंडल के माय मचयो है झगड़ो भारी है

कायर को है नही काम कायर को  वहा कई पतियारो है

अरे बिना चंदा रे बिना बाण सूरज बिना होया उजियाला है

 

पर हेली म्हारी गावे गुलाबी यो गाँव खुलियां है म्हारा हिरदा का ताला है

है बोल्या भवानी नाथ, होया है म्हारा घट उजियाला है

अरे बिना चंदा रे बिना बाण सूरज बिना होया उजियाला है

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Bina Chanda re Bina bhan

 

 

 

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