Aisi kheti kije kisan bhai – Kisan Bhajan by Kabir

234
jivan Parichay kabir
jivan Parichay kabir

Aisi kheti kije kisan bhai

 ऐसी खेती किजे किसान भाई

 

 ऐसी खेती किजे मना जाके जुम्मो कोई के मत दीजे रे

काम क्रोध का काटी ले जाला, धरम कुल्हाड़ी लीजे रे

हां पाप ठुंट बड़ नही पावे, खेत सफल कर लीजे किसान भाई

ऐसी खेती किजे रे

ऐसी खेती किजे मना जाके जुम्मो कोई के मत दीजे रे

 

हां हिवड़ा की तु हाल बना ले, मन रमण कर लीजे भाई

मन पवन दोई बैल जोतले, सुरता की रस्सी कर जे मना भाई

ऐसी खेती किजे रे

ऐसी खेती किजे मना जाके जुम्मो कोई के मत दीजे रे

 

प्रेम पास का करले दाता, करम को कुण्डलो लीजे रे है भाई

घास फूस रे रह नही पावे, खेत सफल कर लीजे किसान भाई

ऐसी खेती किजे रे

ऐसी खेती किजे मना जाके जुम्मो कोई के मत दीजे रे

 

आशा तृष्णा की डांडी बणा ले, ज्ञान पिराणों लीजे रे है भाई

राम नाम लई मोरत किजे, जान को जोर कर दीजे भाई

ऐसी खेती किजे रे

ऐसी खेती किजे मना जाके जुम्मो कोई के मत दीजे रे

 

इंगला पिंगला की नाई बनाई  ले, सुक्मण बीज बोई लीजे रे

कहे कबीर सुनो भाई साधो, हीरा मोती बीन लेजे किसान भाई

ऐसी खेती किजे रे

ऐसी खेती किजे मना जाके जुम्मो कोई के मत दीजे रे

*********************

Aisi kheti kije kisan bhai Lyrics

kheti kije kisan bhai PDF 

 

 


krishna bhajan

Kabir Bhajan

Mata Bhajan

Meera Bhajan

Gorakshnath bhajan

Aarti

Ramdevji Bhajan

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here