थाली भरकर लाई रे खीचड़ो – Thali Bharkar layi re khichdo

1464
Thali Bharkar layi re khichdo
Thali Bharkar layi re khichdo

Thali Bharkar layi re

थाली भरकर लाई रे खीचड़ो

 

 म्हारा कानूड़ा गिरधारी कर्मा विनती कर कर हारी 

खिचड़ खाले रे बनवारी बेटी जाट की हो बेटी जाट की

 

 थाली भरकर लाई रे खीचड़ो ऊपर घी की बाटकी

जीमो म्हारा श्याम धणी जीमावे बेटी जाट की

 

हां बाबो म्हारो गांव गयो हैं  ना जाणे कब आवे लो 

बाबा रे भरोसे कान्हो भुको ही रह जावेलो 

आज जीमाऊं थने खिचड़ो खाले छा की राबड़ी 

जीमो म्हारा श्याम धणी जीमावे बेटी जाट की

 

हां बार-बार मंदिर पे चढ़ती बार-बार मैं बोलती 

कय्या कोनी जीमो मोहन कईड़ी कईड़ी बोलती 

थे जीमो तो में जीमुला मानु ना कोई बातली

 जीमो म्हारा श्याम धणी जीमावे बेटी जाट की

 

हां परदो भूल गई सांवरिया परदो फेर लगायो है 

परदा रि ओट बैठने शाम खीचड़ो खायो है 

भोला भाला भगता ने थे कय्या राखो आटकी

 जीमो म्हारा श्याम धणी जीमावे बेटी जाट की

 

हां भक्त होवे तो कर्मा जैसी सांवरियो घर आवेला 

गगन मंडल पर चढ़कर मनवा हर्ष हर्ष जस गावेला

 सांचों प्रेम प्रभु से हो तो मुरत बोले काटकि 

जीमो म्हारा श्याम धणी जीमावे बेटी जाट की

 

थाली भरकर लाई रे खीचड़ो ऊपर घी की बाटकी

जीमो म्हारा श्याम धणी जीमावे बेटी जाट की

**********************

Thali Bharkar layi re Lyrics in hindi

Thali Bharkar layi re Lyrics PDF download here

 


krishna bhajan

Kabir Bhajan

Mata Bhajan

Meera Bhajan

Gorakshnath bhajan

Aarti

Ramdevji Bhajan

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here