मुसाफिर जाना पड़ेगा – Musafir Jana Padega lyrics

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jivan Parichay kabir
jivan Parichay kabir

Musafir Jana Padega

 मुसाफिर जाना पड़ेगा

 

 मुसाफिर जाना पड़ेगा, मुसाफिर चलना पड़ेगा

काया कुटी खाली करना पड़ेगा

मुसाफिर जाना पड़ेगा, मुसाफिर चलना पड़ेगा

 

भाड़े की मकान को क्या तू संवारे ले

 है आएगा घर का मालिक तुझको निकाले 

उसका किराया तुझे चुकाना पड़ेगा

मुसाफिर जाना पड़ेगा, मुसाफिर चलना पड़ेगा

 

आएगा नोटिस जमानत ना होगी

है पल्ले तुम्हारे अमानत ना होगी 

होकर के केद तुझको जाना पड़ेगा 

मुसाफिर जाना पड़ेगा, मुसाफिर चलना पड़ेगा

 

यमराजा की अदालत चड़ोगे 

है पूछेगा हकीकत जवाब क्या दोगे 

उनके आगे सर को झुकाना पड़ेगा

 मुसाफिर जाना पड़ेगा, मुसाफिर चलना पड़ेगा

 

 हमारी ना मानो यमराजा मनाएगा 

है तेरा किया करम ये तुझको भोगाएगा

  पापों की अग्नि में जलना पड़ेगा 

मुसाफिर जाना पड़ेगा, मुसाफिर चलना पड़ेगा

 

 कहे कबीर फिरेगा तू रोता

है लक चैरासी मैं खाएगा गोता

 फिर फिर जनम तुझको धरना पड़ेगा

मुसाफिर जाना पड़ेगा, मुसाफिर चलना पड़ेगा

काया कुटी खाली करना पड़ेगा

मुसाफिर जाना पड़ेगा, मुसाफिर चलना पड़ेगा

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