मैं बालक तू माता शेरा वालिये – Me Balak Tu Mata Sherawaliye

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Dharti Gagan Me Hoti hai
Dharti Gagan Me Hoti hai

 मैं बालक तू माता शेरा वालिये

Me Balak Tu Mata Sherawaliye

 

 मैं बालक तू माता शेरा वालिये,

है अटूट यह नाता शेरा वालिये ।

शेरां वालिये माँ, पहाड़ा वालिये माँ,

मेहरा वालिये माँ, ज्योतां वालिये माँ

मैं बालक तू माता शेरां वालिये ।।

 

तेरी ममता मिली है मुझको, तेरा प्यार मिला है

तेरे आँचल की छाया में मन का फूल खिला है ।

तुने बुद्धि, तुने साहस, तुने ज्ञान दिया

मस्तक ऊँचा करके जीने के वरदान दिया माँ ।

तू है भाग्य विधाता, मैं बालक तू माता शेरां वालिये ।।

मैं बालक तू माता शेरां वालिये ।।

 

जब से दो नैनो में तेरी पावन ज्योत समायी

मंदिर मंदिर तेरी मूरत देने लगी दिखाई ।

ऊँचे पर्वत पर मैंने भी डाल दिया है डेरा

निशदिन करे जो तेरी सेवा मैं वो दास हूँ तेरा ।

रहूँ तेरे गुण गाता मैं बालक तू माता शेरां वालिये ।।

 

मैं बालक तू माता शेरां वालिये

है अटूट यह नाता शेरां वालिये ।

शेरां वालिए माँ, पहाड़ा वालिये माँ

मेहरा वालिये माँ, ज्योतां वालिये माँ ।।

 

जय माॅ जय माॅजय माॅं मेरी माॅं

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me balak tu mata

 

 

Navratri Bhajan Special

 


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