म्हारी काया रा कारीगर साहेबा – Mhara kaya ra karigar saheba

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meeabai bhajans
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Mhara kaya ra karigar saheba

म्हारी काया रा कारीगर साहेबा 

 

 म्हारी काया रा कारीगर साहेबा ऊबा रीजो जी

 है ऊबा रीजो रे थमने हेलो दुंवा रे थोड़ो झालो दुंवां रे 

म्हारी काया रा कारीगर साहेबा ऊबा रीजो रे 

 

हां हां पेला युगा में राजा प्रहलाद नै तार्या रे 

हां हिरणाकुश ये गर्भ करियो खंब तोड़ी दर्शन दिया रे 

म्हारी काया रा कारीगर साहेबा ऊबा रीजो रे 

 

हां हां दशरथ घर अवतार लिया ने कोशल्या ने तारी रे 

हां कैकेई ने तो ऐसी तारी अमर करग्या रे  

म्हारी काया रा कारीगर साहेबा ऊबा रीजो रे 

 

हां हां वासुदेव घर जनम लिया ने देवकी ने तारी रे 

हां यशोदा ने ऐसी तारी गोदी खेलग्या रे

म्हारी काया रा कारीगर साहेबा ऊबा रीजो रे 

 

हां हां कौरव पांडव युद्ध मचीया महाभारत का माहि रे 

हां द्रोपती नो चीर तार्यो दुशासन खेंच हार्यो रे 

म्हारी काया रा कारीगर साहेबा ऊबा रीजो रे 

 

हां हां जमुना तट पर गेंद खेले गुवालो के संग रे 

हां गेंद खेलत जल में कुदिया  नाग मथीलाया रे 

म्हारी काया रा कारीगर साहेबा ऊबा रीजो रे 

 

दोईकर जोड़े मीरा बोली पाया बेकुंठ वास ये

 हां मीरा ने तो गिरधर मिलग्या अमर करग्या रे 

म्हारी काया रा कारीगर साहेबा ऊबा रीजो रे 

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meerabai bhajan

Mhara kaya ra karigar saheba

 


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