हेली म्हारी पिया की फिकर में – Heli Mhari piya ki fikar me lyrics

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jivan Parichay kabir
jivan Parichay kabir

 Heli Mhari Piya ki Fikar me

हेली म्हारी पिया की फिकर में

 

 हेली म्हारी पिया की फिकर में हैली होई वो दिवानी 

रेण गंवई वो सारी रात जी

 हेली मारी चुंनड़ रंगावो तो भव रंग  रंगादुं

म्हारी हेली कदिये भदे रंगी ना होय जी

 

हेली म्हारी जदि यो उदय राणो बंड खंड चाल्यो

म्हारी हेली सेर्या में लागी बम ठोड़ जी 

हैली म्हारी पिया की फिकर में हैली होई वो दिवानी 

 

हेली म्हारी जदी यो उदय राणो उठ चाल्यो

म्हारी हेली कोई मनावा नी जाय जी 

हैली म्हारी पिया की फिकर में हैली होई वो दिवानी 

 

हेली म्हारी सदलपुर का शहर में

म्हारी हेली लंबी या पेड़ खजूर जी 

हेली म्हारी चढ़ता नर चढ़ीगया

म्हारी हेली गीरताने चकनाचूर जी

हैली म्हारी पिया की फिकर में हैली होई वो दिवानी 

 

हेली म्हारी सुखा वो समंद में नाव पुराणी

म्हारी हेली उल्ट-सुलट चली जाए जी 

हैली म्हारी पिया की फिकर में हैली होई वो दिवानी 

 

हेली म्हारी दोईकर जोड़े जती गोरख बोल्या म्हारी हेली

सत्य अमरापुर पाया

हैली म्हारी पिया की फिकर में हैली होई वो दिवानी 

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heli Bhajan by Kabir

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