खुशहाल करती – khushhal karti malamal karti lyrics

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tere darbar mai maiya
tere darbar mai maiya

Sherawali apne bhkton ko nihal karti

खुशहाल करती माला माल करती

 

 खुशहाल करती माला माल करती

शेरावाली अपने भक्तों को निहाल करती ।।

 

अम्बे रानी वरदानी बैठी खोल के भंडारे

झोली ले गया भरा के आया चलके जो द्वारे

नहीं टाल करती तत्काल करती

शेरावाली अपने भक्तों को निहाल करती ।।

 

हर दुख जाए टल हर मुश्किल को हल

झोपड़ी से हो महल नहीं लगे एक पल

मां कमाल करती  बेमिसाल करती

शेरावाली अपने भक्तों को निहाल करती ।।

 

मां के नाम वाला अमृत जो पी ले एक बार

होगा बाल ना बांका चाहे बैरी हो संसार

रक्षा आप सरल  बन ढाल करती

शेरावाली अपने भक्तों को निहाल करती ।।

 

लक्खा लाखों के बदल डाले लिखे मां ने लेख

टाटा नगर वाले शर्मा की ओर भी तो देख

ना संभाल करती  ना ख्याल करती

शेरावाली अपने भक्तों को निहाल करती ।।

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Khushhal karti malamal karti

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भय नाशक दुर्गा मंत्रः

सर्व स्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्ति समन्विते, भयेभ्यास्त्रहिनो देवी दुर्गे देवी नमोस्तुते।

स्वप्न में कार्य सिद्घि-असिद्घि जानने के लिएः

दुर्गे देवि नमस्तुभ्यं सर्वकामार्थ साधिके। मम सिद्घिमसिद्घिं वा स्वप्ने सर्व प्रदर्शय।।

अर्थातः शरणागत की पीड़ा दूर करने वाली देवी हम पर प्रसन्न होओ। संपूर्ण जगत माता प्रसन्न होओ। विश्वेश्वरी! विश्व की रक्षा करो। देवी! तुम्ही चराचर जगत की अधिश्वरी हो।

मां के कल्याणकारी स्वरूप का वर्णनः

सृष्टिस्थिति विनाशानां शक्तिभूते सनातनि। गुणाश्रये गुणमये नारायणि! नमोऽस्तुते॥

अर्थातः हे देवी नारायणी! तुम सब प्रकार का मंगल प्रदान करने वाली मंगलमयी हो। कल्याणदायिनी शिवा हो। सब पुरुषार्थों को सिद्ध करने वाली शरणागतवत्सला, तीन नेत्रों वाली एवं गौरी हो, तुम्हें नमस्कार है। तुम सृष्टि पालन और संहार की शक्तिभूता सनातनी देवी, गुणों का आधार तथा सर्वगुणमयी हो। नारायणी! तुम्हें नमस्कार है।

 

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