Maha Thagani Hum Jani Re Maya महा ठगनी हम जानी रे माया –

915
Kabir das

  महा ठगनी हम जानी रे माया

Maha Thagani Hum Jani Re Maya Lyrics 

 

महा ठगनी हम जानी रे माया

तिरगुन फांस लिए कर डोले,

तिरगुन फांस लिए कर डोले

बोले मधुरे बानी महा ठगनी हम जानी रे माया।।

 

केसव के कमला होय बैठी

शिव के भवन भवानी

पंडा के मूरत वे बैठीं तीरथ में भई पानी।।

महा ठगनी हम जानी रे माया

 

जोगी के जोगीन होय बैठी

राजा के घर रानी

काहू के हीरा होय बैठी

काहू के कौड़ी काणी।।

महा ठगनी हम जानी रे माया

 

भगतों के भगतिन होय बैठी

बृह्मा के बृह्माणी

कहे कबीर सुनो भई साधो

यह सब अकथ कहानी।।

महा ठगनी हम जानी रे माया

********************************************

Maha Thagani hum Jani Maya
Prahalad singh Tipanya bhajan

 

 


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here