Sawan Ki Rut Hai Aaja Maa | सावन की रुत है आजा माँ

218
Dharti Gagan Me Hoti hai
Dharti Gagan Me Hoti hai

सावन की रुत है आजा माँ

Sawan Ki Rut Hai Aaja Maa Hum Jhula tujhe

 सावन की रुत है आजा माँ, हम झूला तुझे झुलायेंगे

फूलो से सजायेेंगे तुझको मेहँदी हाथो में लगाएंगे ।।

 

कोई भेट करेगा चुनरी, कोई पहनायेगा चूड़ी

माथे पे लगाएगा माँ, कोई भक्त तिलक सिंदूरी

कोई लिए खड़ा है पायल, लाया है कोई कंगना

जिन राहो से आएंगी माँ तू भक्तो के अंगना

हम पलके वहा बिछायेंगे ।।

सावन की रुत है आजा माँ हम झूला तुझे झुलायेंगे

 

माँ अम्बा की डाली पे झूला भक्तांे ने सजाया

चन्दन की बिछाई चैंकी श्रदा से तुझे बुलाया

अब छोड़ येे आँख मचोली आजा ओ मैया भोली

हम तरस रहे है कब से सुन ने को तेरी बोली

कब तेरा दर्शन पायेंगे ।।

सावन की रुत है आजा माँ हम झूला तुझे झुलायेंगे

 

लाखो हो रूप माँ तेरे चाहे जिस रूप में आजा

नैनो की प्यास भुजा जा बस इक झलक दिखला जा

 
झूले पे तुझे बिठा के तुझे दिल का हाल सुना के

 

फिर मेवे और मिश्री का तुझे प्रेम से भोग लगा के

तेरे भवन पे छोड़ के आएंगे  ।।

सावन की रुत है आजा माँ हम झूला तुझे झुलायेंगे

फूलो से सजायेेंगे तुझको मेहँदी हाथो में लगाएंगे ।।

**********************************************************+

sawan ki rut hai aa ja maa hum jhula tujhe jhulayenge

सावन की रुत है आजा माँ - Sawan Ki Rut Hai Aaja Ma Lyrics

#matabhajan

 

Sawan ki rut hai aaja maa by sonu nigam PDF Download

 

सावन की रुत है आजा माँ - Sawan Ki Rut Hai Aaja Ma Lyrics

 

 


krishna bhajan

Kabir Bhajan

Mata Bhajan

Meera Bhajan

Gorakshnath bhajan

Aarti

Ramdevji Bhajan

If you Like this bhajan lyrics so please support us and share this post

to other and write us on comment box for any query.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here