Yeh tan vish ki belri – यह तन विष की बेलरी

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yeh tan vish ki belri

यह तन विष की बेलरी

यह तन विष की बेलरी, गुरु अमृत की खान ।
शीश दियो जो गुरु मिले, तो भी सस्ता जान ।।

हिन्दी अनुवाद (अर्थ) –

कबीर दास जी कहते हैं, कि यह जो हमारा शरीर है वह जहर के सामान बुराइयों (विष) से भरा हुआ है और एक सच्चा गुरु ही अमृत की खान अर्थात उन जहर के सामान बुराइयों का अंत करने में सहायक होता हैं। यदि अपना शीश (मस्तक) की बली कर देने के बदले में आपको कोई सच्चा गुरु मिले तो ये सौदा बहुत भी सस्ता है अर्थात यदि गुरु चरणों में नमन होने से, बुराइयों से छुटकारा पाया जा सकता हैं तो यह बहुत ही सस्ता और सरल मार्ग हैं। अतः गुरू ही सर्वश्रेष्ठ है।


Kabir Das ke dohe

Yeh tan vish ki belri


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yeh tan vish ki belri in english

Yeh tan vish ki belri, Guru amrit ki khaan
Shish diyo jo guru mile, To bhi sasta jaan.

Meaning – 

Kabir Das ji says that our body is full of evils (poison) like poison and only a true Guru is the mine of nectar, that is, it helps in ending evils like those poisons. If you get a true Guru in return for sacrificing your head, then this deal is very cheap, that is, if you can get rid of evils by bowing at the feet of the Guru, then this is a very cheap and easy way. . Therefore Guru is the best.


Kabir das ke dohe in hindi & english with meaning and PDF file.

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