Compiled by KabirLyrics.com

श्री हनुमान चालीसा

श्री हनुमान चालीसा दोहा श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि । बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि ॥ बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन कुमार । बल…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री दुर्गा चालीसा

श्री दुर्गा चालीसा नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो अंबे दुःख हरनी॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूं लोक फैली उजियारी॥ शशि ललाट मुख महाविशाला। नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥ रूप…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

शिव चालीसा

शिव चालीसा दोहा जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान । कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान ॥ चौपाई जय गिरिजा पति दीन दयाला । सदा करत सन्तन प्रतिपाला ॥…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री शनि चालीसा

श्री शनि चालीसा दोहा जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल। दीनन के दुख दूर करि, कीजै नाथ निहाल॥ जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज। करहु कृपा हे…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री गणेश चालीसा

श्री गणेश चालीसा दोहा जय गणपति सद्गुण सदन कविवर बदन कृपाल। विघ्न हरण मंगल करण जय जय गिरिजालाल॥ चौपाई जय जय जय गणपति राजू। मंगल भरण करण शुभ काजू॥ जय…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री विष्णु चालीसा

श्री विष्णु चालीसा दोहा जय गणपति सद्गुण सदन कविवर बदन कृपाल। विघ्न हरण मंगल करण जय जय गिरिजालाल॥ चौपाई जय जय जय गणपति राजू। मंगल भरण करण शुभ काजू॥ जय…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री लक्ष्मी चालीसा

श्री लक्ष्मी चालीसा दोहा मातु लक्ष्मी करि कृपा करो हृदय में वास। मनोकामना सिद्ध कर पुरवहु मेरी आस॥ सिंधु सुता विष्णुप्रिये नत शिर बारंबार। ऋद्धि सिद्धि मंगलप्रदे नत शिर बारंबार॥…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री सरस्वती चालीसा

श्री सरस्वती चालीसा दोहा जनक जननि पद्मरज, निज मस्तक पर धरि। बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि॥ पूर्ण जगत में व्याप्त तव, महिमा अमित अनंतु। दुष्जनों के पाप को,…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री गायत्री चालीसा

श्री गायत्री चालीसा दोहा हीं श्रीं, क्लीं, मेधा, प्रभा, जीवन ज्योति प्रचण्ड। शांति, क्रांति, जागृति, प्रगति, रचना शक्ति अखण्ड॥ जगत जननि, मंगल करनि, गायत्री सुखधाम। प्रणवों सावित्री, स्वधा, स्वाहा पूरन…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री काली चालीसा

श्री काली चालीसा दोहा जयकाली कलिमलहरण, महिमा अगम अपार। महिष मर्दिनी कालिका, देहु अभय अपार॥ चौपाई अरि मद मान मिटावन हारी। मुण्डमाल गल सोहत प्यारी॥ अष्टभुजी सुखदायक माता। दुष्टदलन जग…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री राधा चालीसा

श्री राधा चालीसा दोहा श्री राधे वृषभानुजा, भक्तनि प्राणाधार। वृन्दाविपिन विहारिणि, प्रणवौं बारंबार॥ जैसौ तैसौ रावरौ, कृष्ण प्रिया सुखधाम। चरण शरण निज दीजिये, सुन्दर सुखद ललाम॥ चौपाई जय वृषभानु कुंवरि…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री राम चालीसा

श्री राम चालीसा चौपाई श्री रघुवीर भक्त हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥ निशिदिन ध्यान धरै जो कोई। ता सम भक्त और नहिं होई॥ ध्यान धरे शिवजी मन माहीं। ब्रह्म…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री भैरव चालीसा

श्री भैरव चालीसा दोहा श्री गणपति गुरु गौरी पद प्रेम सहित धरि माथ। चालीसा वंदन करो श्री शिव भैरवनाथ॥ श्री भैरव संकट हरण मंगल करण कृपाल। श्याम वरण विकराल वपु…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री कृष्ण चालीसा

श्री कृष्ण चालीसा दोहा बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम। अरुणअधरजनु बिम्बफल, नयनकमलअभिराम॥ पूर्ण इन्द्र, अरविन्द मुख, पीताम्बर शुभ साज। जय मनमोहन मदन छवि, कृष्णचन्द्र महाराज॥ चौपाई जय…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

माँ पार्वती चालीसा

श्री पार्वती चालीसा दोहा जय गिरी तनये दक्षजे शम्भू प्रिये गुणखानि। गणपति जननी पार्वती अम्बे! शक्ति! भवानि॥ चौपाई ब्रह्मा भेद न तुम्हरो पावे, पंच बदन नित तुमको ध्यावे॥ षड्मुख कहि…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

साईं चालीसा

श्री साईं बाबा चालीसा पहले साईं के चरणों में, अपना शीश नमाऊं मैं। कैसे शिरडी साईं आए, सारा हाल सुनाऊं मैं॥ कौन है माता, पिता कौन है, ये न किसी…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री खाटू श्याम चालीसा

श्री खाटू श्याम चालीसा दोहा श्री गुरु चरणन ध्यान धर, सुमीर सच्चिदानंद। श्याम चालीसा बणत है, रच चौपाई छंद। चालीसा श्याम-श्याम भजि बारंबारा। सहज ही हो भवसागर पारा। इन सम…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री सूर्य चालीसा

श्री सूर्य चालीसा दोहा कनक बदन कुंडल मकर, मुक्ता माला अंग। पद्मासन स्थित ध्याइए, शंख चक्र के संग।। चौपाई जय सविता जय जयति दिवाकर, सहस्रांशु सप्ताश्व तिमिरहर। भानु, पतंग, मरीची,…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा

श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा दोहा नमो नमो विन्ध्येश्वरी, नमो नमो जगदंब। संत जनों के काज में, करती नहीं बिलंब॥ चौपाई जय जय जय विन्ध्याचल रानी। आदि शक्ति जगबिदित भवानी॥ सिंह वाहिनी…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री माँ बगलामुखी चालीसा

श्री माँ बगलामुखी चालीसा दोहा नमो महाविधा वरदा, बगलामुखी दयाल। स्तम्भन क्षण में करे, सुमरित अरिकुल काल॥ चौपाई नमो नमो पीताम्बरा भवानी, बगलामुखी नमो कल्यानी॥ भक्त वत्सला शत्रु नशानी, नमो…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री कुबेर चालीसा

श्री कुबेर चालीसा दोहा जैसे अटल हिमालय और जैसे अडिग सुमेर। ऐसे ही स्वर्ग द्वार पै, अविचल खड़े कुबेर॥ विघ्न हरण मंगल करण, सुनो शरणागत की टेर। भक्त हेतु वितरण…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री पार्श्वनाथ चालीसा

भगवान श्री पार्श्वनाथ चालीसा दोहा शीश नवा अरिहंत को, सिद्धन करूं प्रणाम। उपाध्याय आचार्य का ले सुखकारी नाम। सर्व साधु और सरस्वती, जिन मंदिर सुखकार। अहिच्छत्र और पार्श्व को, मन…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री तुलसी चालीसा

श्री तुलसी चालीसा दोहा जय जय तुलसी भगवती सत्यवती सुखदानी। नमो नमो हरी प्रेयसी श्री वृंदा गुन खानी। श्री हरी शीश बिरजिनी, देहु अमर वर अम्ब। जनहित हे वृन्दावनी अब…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री गोपाल चालीसा

श्री गोपाल चालीसा दोहा श्री राधापद कमल रज, सिर धरि यमुना कूल। वरणो चालीसा सरस, सकल सुमंगल मूल॥ चौपाई जय जय पूरण ब्रह्म बिहारी, दुष्ट दलन लीला अवतारी। जो कोई…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री नवग्रह चालीसा

श्री नवग्रह चालीसा दोहा श्री गणपति गुरुपद कमल, प्रेम सहित सिरनाय। नवग्रह चालीसा कहत, शारद होत सहाय॥ जय जय रवि शशि सोम, बुध जय गुरु भृगु शनि राज। जयति राहु…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री विनय चालीसा

श्री विनय चालीसा दोहा मैं हूँ बुद्धि मलीन अति। श्रद्धा भक्ति विहीन। करूँ विनय कछु आपकी। हो सब ही विधि दीन॥ चौपाई जय जय नीब करोली बाबा। कृपा करहु आवै…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री ललिता माता चालीसा

श्री ललिता चालीसा चौपाई जयति-जयति जय ललिते माता। तव गुण महिमा है विख्याता॥ तू सुन्दरी, त्रिपुरेश्वरी देवी। सुर नर मुनि तेरे पद सेवी॥ तू कल्याणी कष्ट निवारिणी। तू सुख दायिनी,…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

संतोषी माता चालीसा

संतोषी माता चालीसा दोहा बन्दौं संतोषी चरण रिद्धि-सिद्धि दातार। ध्यान धरत ही होत नर दुख सागर से पार॥ भक्तन को संतोष दे संतोषी तव नाम। कृपा करहु जगदंबा अब आया…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री गुरु बृहस्पति देव चालीसा

श्री गुरु बृहस्पति देव चालीसा दोहा गाउे नित मंगलाचरण, गणपति मेरे नाथ। करो कृपा माँ शारदा, जीव रहें मेरे साथ॥ चौपाई वीर देव भक्‍तन हितकारी। सुर नर मुनिजन के उद्धारी।…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री गोरखनाथ चालीसा

श्री गोरखनाथ चालीसा दोहा गाउे नित मंगलाचरण, गणपति मेरे नाथ। करो कृपा माँ शारदा, जीव रहें मेरे साथ ॥ चौपाई जय जय गोरख नाथ अविनासी। कृपा करो गुरु देव प्रकाशी…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री बालाजी चालीसा – मेहंदीपुर

श्री बालाजी चालीसा - मेहंदीपुर दोहा श्री गुरु चरण चितलाय के धरें ध्यान हनुमान। बालाजी चालीसा लिखे “ओम” स्नेही कल्याण। विश्व विदित वर दानी संकट हरण हनुमान। मेंहदीपुर में प्रगट…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री चामुण्डा देवी चालीसा

श्री चामुण्डा देवी चालीसा दोहा नीलवरण माँ कालिका रहती सदा प्रचंड। दस हाथो मई ससत्रा धार देती दुष्ट को दंड। मधु केटभ संहार कर करी धर्म की जीत। मेरी भी…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री जाहरवीर चालीसा

श्री जाहरवीर चालीसा दोहा सुवन केहरी जेवर सुत महाबली रनधीर, बन्दौं सुत रानी बाछला विपत निवारण वीर। जय जय जय चौहान वन्स गूगा वीर अनूप, अनंगपाल को जीतकर आप बने…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री करणी चालीसा

श्री करणी चालीसा दोहा जय गणेश जय गज बदन, करण सुमंगल मूल। करहू कृपा निज दास पर, रहू सदा अनुकूल। जय जननी जगदिश्वरी, कह कर बारम्बार। जगदम्बा करणी सुयश, वरणऊ…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री पितर चालीसा

श्री पितर चालीसा दोहा हे पितरेश्वर आपको, दे दियो आशीर्वाद। चरणाशीश नवा दियो, रखदो सिर पर हाथ। सबसे पहले गणपत, पाछे घर का देव मनावा जी। हे पितरेश्वर दया राखियो,…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री रामदेव चालीसा

श्री रामदेव चालीसा दोहा जय जय जय प्रभु रामदे, नमो नमो हरबार। लाज रखो तुम नन्द की, हरो पाप का भार। दीन बन्धु किरपा करो, मोर हरो संताप। स्वामी तीनो…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री आदिनाथ चालीसा

श्री आदिनाथ चालीसा दोहा शीश नवा अरिहंत को, सिद्धन करूं प्रणाम। उपाध्याय आचार्य का ले सुखकारी नाम। सर्व साधु और सरस्वती, जिन मन्दिर सुखकार। आदिनाथ भगवान को, मन मन्दिर में…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री चन्द्रप्रभु चालीसा

श्री चन्द्रप्रभु चालीसा वीतराग सर्वज्ञ जिन, जिन वाणी को ध्याय। लिखने का साहस करुं, चालीसा सिर नाय॥ देहरे के श्रीचन्द्र को, पूजौं मन वच काय। ऋद्धि सिद्धि मंगल करें, विघ्न…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

मां चिंतपूर्णी चालीसा

चिंतपूर्णी चालीसा दोहा चित्त में बसो चिंतपूर्णी, छिन्नमस्तिका मात। सात बहनों में लाड़ली, हो जग में विख्यात॥ माईदास पर की कृपा, रूप दिखाया श्याम। सबकी हो वरदायनी, शक्ति तुम्हें प्रणाम॥…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री गौरी माँ चालीसा

श्री गौरी माँ चालीसा चौपाई मन मंदिर मेरे आन बसो, आरम्भ करूं गुणगान, गौरी माँ मातेश्वरी, दो चरणों का ध्यान॥ पूजन विधी न जानती, पर श्रद्धा है आपर, प्रणाम मेरा…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री गिरिराज चालीसा

श्री गिरिराज चालीसा दोहा बन्दहुँ वीणा वादिनी धरि गणपति को ध्यान। महाशक्ति राधा सहित, कृष्ण करौ कल्याण। सुमिरन करि सब देवगण, गुरु पितु बारम्बार। बरनौ श्रीगिरिराज यश, निज मति के…
और पढ़ें →
Compiled by KabirLyrics.com

श्री नरसिंह चालीसा

श्री नरसिंह चालीसा दोहा मास वैशाख कृतिका युत, हरण मही को भार। शुक्ल चतुर्दशी सोम दिन, लियो नरसिंह अवतार। धन्य तुम्हारो सिंह तनु, धन्य तुम्हारो नाम। तुमरे सुमरन से प्रभु,…
और पढ़ें →