Home Blog
Prem Na Bari Upaje

प्रेम न बारी उपजे | Prem na bari upje | Kabir Das

0
Prem na bari upje प्रेम न बारी उपजे प्रेम न बारी उपजे, प्रेम न हाट बिकाए । राजा प्रजा जो ही रुचे, सिस दे ही ले जाए...
तन को जोगी सब करे, मन को विरला कोय ।

तन को जोगी सब करे | Tan ko jogi sab kare

0
Tan ko jogi sab kare तन को जोगी सब करे तन को जोगी सब करे, मन को विरला कोय । सहजे सब विधि पाइए, जो मन जोगी...
हर हर शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेवा,

हर हर शंभू | Har Har Shambhu Shiv Mahadeva Lyrics

1
Har Har Shambhu Shiv Mahadeva lyrics हर हर शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेवा हर हर शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेवा, शंभू शंभू शंभू शंभू शिव...
Tirath Gaye Se ek Fal

Tirath Gaye Se ek Fal | तीरथ गए से एक फल Meaning

0
Tirath Gaye Se ek Fal तीरथ गए से एक फल तीरथ गए से एक फल, संत मिले फल चार । सतगुरु मिले अनेक फल, कहे कबीर विचार...
Te din gaye akarath hi

Te din gaye akarath hi | ते दिन गए अकारथ ही Meaning

0
Te din gaye akarath hi ते दिन गए अकारथ ही प्रेम बिना पशु जीवन, भक्ति बिना भगवंत । अर्थ - कबीर दास जी कहते हैं कि अब...
Jag me beri koi nahi | जग में बैरी कोई नहीं Meaning

Jag me beri koi nahi | जग में बैरी कोई नहीं Meaning

0
Jag me beri koi nahi जग में बैरी कोई नहीं जग में बैरी कोई नहीं, जो मन शीतल होय। यह आपा तो डाल दे, दया करे सब...
Jal me base kamodani | जल में बसे कमोदनी Meaning

Jal me base kamodani | जल में बसे कमोदनी Meaning

0
Jal me base kamodani जल में बसे कमोदनी जल में बसे कमोदनी, चंदा बसे आकाश । जो है जा को भावना, सो ताहि के पास । अर्थ -...
Jo ghat prem na sanchare Photo

Jo ghat prem na sanchare | जो घट प्रेम न संचरे | Kabir

0
Jo ghat prem na sanchare जो घट प्रेम न संचरे जो घट प्रेम न संचरे, जो घट जान सामान । जैसे खाल लुहार की, सांस लेत बिनु...

Jahan Daya Tahan Dharm Hai | कबीर दास के दोहे

0
Jahan Daya Tahan Dharm Hai कबीर दास के दोहे जहाँ दया तहा धर्म है, जहाँ लोभ वहां पाप । जहाँ क्रोध तहा काल है, जहाँ क्षमा वहां...
Jyo til mahi tel hai Doha

Jyo til mahi tel hai | ज्यों तिल माहि तेल है | Kabir Das

0
Jyo til mahi tel hai ज्यों तिल माहि तेल है, ज्यों चकमक में आग । तेरा साईं तुझ ही में है, जाग सके तो जाग ।। अर्थ...